कान का अभ्यास
कान का अभ्यास, यानी संगीत की समझ (म्यूज़िकल परसेप्शन), कान से यह पहचानना सीखना है कि क्या बज रहा है: दो स्वरों के बीच की दूरी, कॉर्ड मेजर है या माइनर, कोई स्वर स्केल की किस डिग्री पर है, कौन-सा रिद्म बजा। संगीत की शिक्षा यहीं से शुरू होती है, क्योंकि सब कुछ इसी पर टिका है: गाने कान से उतारना, आवाज़ सुर में रखना, इम्प्रोवाइज़ करना और जो सुनें उसे लिखना।
ये पाँच छोटे अभ्यास हैं, हर एक में 10 सवाल, सबसे आसान से सबसे कठिन तक के लेवल के साथ। साइट बजाती है, आप जवाब देते हैं, और सुधार उसी पल सुनाई देता है। फ़ोन पर चलता है, बिना रजिस्ट्रेशन के।
अभ्यास
- इंटरवल दो स्वर, ऊपर जाते, नीचे आते या साथ-साथ: उनके बीच की दूरी बताएँ।
- कॉर्ड क्वालिटी मेजर, माइनर, डिमिनिश्ड, ऑगमेंटेड और सेवंथ वाले कॉर्ड।
- की में डिग्री कैडेंस से की तय होती है; फिर एक स्वर: वह स्केल की किस डिग्री पर है?
- रिद्म डिक्टेशन एक बार सुनें और नोट की आकृतियों से रिद्म बनाएँ।
- स्वर गाएँ साइट एक स्वर बजाती है, आप गाते हैं और माइक्रोफ़ोन जाँचता है।
रोज़ 10 मिनट की योजना
- उस लेवल पर इंटरवल के दो राउंड जहाँ आप 6 से 8 के बीच सही करते हैं।
- कॉर्ड क्वालिटी का एक राउंड।
- की में डिग्री का एक राउंड, जिसमें हर सवाल पर की बदलती है।
- गिनती वाले मेट्रोनोम के साथ एक रिद्म डिक्टेशन।
- लगातार दो बार 9 या 10 सही हुए? अगले लेवल पर जाएँ।
हर अभ्यास क्या सिखाता है
| अभ्यास | क्या सिखाता है | कहाँ काम आता है |
|---|---|---|
| इंटरवल | दो स्वरों के बीच की दूरी | धुनें कान से उतारना, आवाज़ सुर में रखना, हार्मनी बनाना |
| कॉर्ड क्वालिटी | आवाज़ से कॉर्ड का प्रकार | गानों की हार्मनी उतारना, कान से संगत करना |
| की में डिग्री | की के भीतर हर स्वर की भूमिका | धुनें कान से उतारना, इम्प्रोवाइज़ करना, सोल्फ़ेज़ |
| रिद्म डिक्टेशन | कान से रिद्म पढ़ना और लिखना | लय और फ़्रेज़ उतारना, नोटेशन पढ़ना, साथ बजाना |
| स्वर गाएँ | आवाज़ का सुर और स्वर की ऊँचाई की याददाश्त | सुर में गाना, सोल्फ़ेज़, कोरस को स्वर देना |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कान का अभ्यास क्या है?
यह संगीत के तत्वों को कान से पहचानने की पढ़ाई है: इंटरवल, कॉर्ड, स्केल की डिग्री, रिद्म और धुनें। संगीत स्कूलों में इसे म्यूज़िकल परसेप्शन कहते हैं। मक़सद है कोई गाना सुनकर समझ पाना कि उसमें क्या हो रहा है, हाथ में वाद्य लिए बिना।
क्या एब्सोल्यूट पिच ज़रूरी है?
नहीं। एब्सोल्यूट पिच (बिना किसी संदर्भ के अकेले स्वर का नाम बता देना) दुर्लभ है और यहाँ उसका अभ्यास नहीं होता। हर संगीतकार जो विकसित करता है, वह रिलेटिव पिच है: स्वरों को उनके आपसी रिश्ते से पहचानना, जैसे की के भीतर इंटरवल और डिग्री। यह अभ्यास से, किसी भी उम्र में सीखा जा सकता है।
रोज़ कितनी देर अभ्यास करना चाहिए?
कभी-कभार ज़्यादा करने से रोज़ थोड़ा करना बेहतर है: 10 से 15 मिनट काफ़ी हैं। 10 सवालों के एक राउंड में 2 से 4 मिनट लगते हैं। एक लेवल पर तब तक रहें जब तक 9 या 10 आराम से सही न होने लगें, फिर ही ऊपर जाएँ।
शुरुआत कहाँ से करें?
लेवल 1 के इंटरवल (सिर्फ़ थर्ड और फ़िफ़्थ) और मेजर-माइनर कॉर्ड से। फिर की में डिग्री, जो गाने कान से उतारने में सबसे ज़्यादा मदद करती हैं। रिद्म डिक्टेशन पहले दिन से साथ-साथ किया जा सकता है।
क्या नोटेशन पढ़ना आना ज़रूरी है?
इंटरवल, कॉर्ड और डिग्री के लिए नहीं: जवाब नाम से दिए जाते हैं। रिद्म डिक्टेशन में नोट की आकृतियाँ (1/4 नोट, 1/8 नोट…) इस्तेमाल होती हैं, पर पेज हर एक को चित्र और आवाज़ के साथ दिखाता है, और खेलते-खेलते सीखा जा सकता है।
क्या मेरे नतीजे सहेजे जाते हैं?
हर अभ्यास और लेवल का सबसे अच्छा नतीजा सिर्फ़ इसी डिवाइस पर, ब्राउज़र में रहता है। कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है और सर्वर पर कुछ नहीं जाता। किसी को अभ्यास भेजना हो तो “यह अभ्यास शेयर करें” इस्तेमाल करें: लिंक अभ्यास को चुने हुए लेवल और विकल्पों के साथ खोलता है।